देश में न्यायपालिका! प्रेस विभाग! अगर यह तय नहीं है! राजनीतिक भ्रम और लोगों का विरोध …..! – क्या केंद्र सरकार कानून में संशोधन लाएगी?
अक्टूबर 16, 2025 • मक्कल अधिकारी देश में प्रेस जनहित में होना चाहिए। लेकिन उसे स्वार्थी हुए कई साल हो गए हैं। लेकिन उस स्वार्थ में फर्जी अखबार जनहित के रूप में अपनी छवि दिखा रहा है। ऐसे अखबारों और टेलीविजन चैनलों को अब सरकारी रियायतें और विज्ञापन दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इसके […]
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